गंभीर बीमारी से जूझ रहे नेमचंद्र की मदद को आगे आए वन क्षेत्राधिकारी, ₹10 हजार की आर्थिक सहायता दी

गंभीर बीमारी से जूझ रहे नेमचंद्र की मदद को आगे आए वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम, बढ़ाया मानवता का हाथ।
लालकुआं कोतवाली क्षेत्र के अंतर्गत घोड़ानाला स्थित वर्मा कॉलोनी निवासी नेमचंद्र पिछले करीब दो वर्षों से गंभीर बीमारी के चलते बिस्तर पर जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। पेशे से पुताई का काम करने वाले नेमचंद्र के छत से गिरने के बाद से पूरे परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। घर के एकमात्र कमाने वाले सदस्य के बीमार होने के कारण अब परिवार के सामने रोजी-रोटी और बच्चों की पढ़ाई का गहरा संकट खड़ा हो गया है।
जमीन और जेवर तक बिके, इलाज का खर्च उठाना हुआ मुश्किल
मिली जानकारी के अनुसार, दुर्घटना का शिकार होने के बाद से नेमचंद्र का परिवार भीषण आर्थिक तंगी से गुजर रहा है। नेमचंद्र की पत्नी किसी तरह मजदूरी करके अपने चार बच्चों (तीन बेटियां और एक बेटा) तथा बुजुर्ग परिजनों का पालन-पोषण कर रही हैं। लगातार चल रहे इलाज, दवाइयों और घर के खर्चों को पूरा करने के लिए परिवार ने अपनी जमा-पूंजी के साथ-साथ जेवर और जमीन तक बेच दी है, इसके बावजूद भारी-भरकम इलाज का खर्च उठाना उनके लिए असंभव साबित हो रहा है।
समाजसेवी शुभम अंडोला के बाद अब वन क्षेत्राधिकारी ने बढ़ाया मदद का हाथ।
हाल ही में सोशल मीडिया पर पीड़ित परिवार की व्यथा और वीडियो वायरल होने के बाद समाजसेवियों का दर्द पसीजा है। सबसे पहले हल्दूचौड़ निवासी समाजसेवी शुभम अंडोला ने ‘हीरा एंड टी चैरिटेबल ट्रस्ट’ की ओर से आगे आकर पीड़ित परिवार को 11,000 रुपये की नकद आर्थिक सहायता प्रदान की थी।
अब इस कड़ी में वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने भी मानवता का परिचय देते हुए मदद का हाथ बढ़ाया है। उन्होंने स्वयं पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर नेमचंद्र की सुधि ली और उन्हें 10 हजार रुपये की नकद आर्थिक सहायता सौंपी। इसके साथ ही उन्होंने परिवार को खाद्य सामग्री (आटा, चावल, तेल) और ठंड से बचाव के लिए कंबल भी वितरित किए।
दानदाताओं से की आगे आने की अपील
इस दौरान वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने क्षेत्र के सभी समाजसेवियों, जनप्रतिनिधियों और दानदाताओं से अपील की है कि वे इस कठिन घड़ी में आगे आएं और पीड़ित परिवार की यथासंभव मदद करें। वहीं, पीड़ित परिवार की पत्नी और बेटी ने भी समाज के सक्षम लोगों से नेमचंद्र के बेहतर इलाज और बच्चों की पढ़ाई-लिखाई में सहयोग की गुहार लगाई है।




