दून में राहुल गांधी का नया अंदाज, ‘छात्रों की गूंज’ में पेपर लीक और रोजगार के मुद्दे पर युवाओं से किया संवाद
देहरादून। लगभग साढ़े चार साल बाद देवभूमि उत्तराखंड पहुंचे राहुल गांधी ने शुक्रवार को ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं और छात्रों से सीधा संवाद किया। बन्नू स्कूल मैदान में आयोजित इस कार्यक्रम में उनका अंदाज पहले से अलग नजर आया। लेजर लाइट, संगीत और युवाओं के उत्साह के बीच उन्होंने मंच पर एंट्री की, जबकि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता छात्रों और युवाओं के बीच बैठे रहे।
बारिश के बावजूद कार्यक्रम में हजारों की संख्या में छात्र-युवा पहुंचे। राहुल गांधी के मंच पर पहुंचते ही युवाओं ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर उनका स्वागत किया। कार्यक्रम की शुरुआत उन्होंने अमर मेहता को श्रद्धांजलि देकर की।
अपने संबोधन में राहुल गांधी ने पेपर लीक को युवाओं के भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा बताते हुए कहा कि इससे मेहनती छात्रों का विश्वास टूट रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक में पूरी व्यवस्था की जवाबदेही तय होनी चाहिए। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को सुरक्षित, पारदर्शी और छात्र-केंद्रित बनाने की आवश्यकता पर बल दिया।
राहुल गांधी ने कहा कि प्रतियोगी परीक्षाओं का संचालन सरकार की जिम्मेदारी है और इसमें पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पेपर लीक से प्रभावित छात्रों को उचित मुआवजा दिए जाने की भी बात कही।
कार्यक्रम के दौरान कई छात्रों ने अपनी समस्याएं साझा करते हुए रोजगार, भर्ती परीक्षाओं में देरी और पारदर्शिता की कमी जैसे मुद्दे उठाए। युवाओं ने कहा कि पढ़ाई पूरी करने के बाद भी रोजगार के पर्याप्त अवसर नहीं मिल रहे हैं और सरकार को रोजगार सृजन तथा कौशल विकास पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम में युवाओं की बड़ी भागीदारी देखने को मिली, जिसने शिक्षा, रोजगार और पेपर लीक जैसे मुद्दों को प्रमुखता से सामने रखा।





