बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव की मांग को लेकर 27 को होगा बड़ा आन्दोलन “30 हजार से अधिक लोग होगें शामिल

बिन्दुखत्ता राजस्व गाँव की मांग को लेकर 27 को होगा बड़ा आन्दोलन “30 हजार से अधिक लोग होगें शामिल।
लालकुआं उत्तराखंड के सबसे अधिक आबादी वाले नैनीताल जिले लालकुआं स्थित बिंदुखत्ता गावं को राजस्व ग्राम का दर्जा दिलाने की मांग को लेकर वन अधिकार संगठन का आंदोलन अब निर्णायक और आक्रामक मोड़ पर पहुंच गया है। ग्रामीणों ने सरकार के खिलाफ आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए आगामी 27 सितंबर को लालकुआं तहसील परिसर में 30 हजार से अधिक लोगों की महारैली निकालने की घोषणा की है।
इस संबंध में शुक्रवार को संगठन और पूर्व सैनिकों के प्रतिनिधिमंडल ने हल्द्वानी स्थित जिलाधिकारी (डीएम) कैंप कार्यालय पहुंचकर कार्यक्रम की पूर्व सूचना व अनुमति पत्र सौंपा।
सीएम आएं या लिखित आश्वासन दें, वरना होगा क्रमिक अनशन
इधर संगठन की संरक्षक एवं पूर्व ब्लॉक प्रमुख संध्या डालाकोटी ने प्रशासनिक अधिकारियों को दो टूक लहजे में साफ कर दिया है कि 27 सितंबर की रैली में इस बार कोई नया ज्ञापन नहीं सौंपा जाएगा। उन्होंने बताया कि ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से फैसला लिया है कि रैली के दिन स्वयं मुख्यमंत्री या उनका कोई समकक्ष जिम्मेदार प्रतिनिधि मौके पर उपस्थित होकर बिंदुखत्ता को राजस्व गांव बनाने की अधिसूचना जारी करे या इस पर लिखित आश्वासन दे। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि ऐसा नहीं हुआ, तो महारैली को उसी स्थान पर अनिश्चितकालीन क्रमिक अनशन में बदल दिया जाएगा।
29वें दिन भी पदयात्रा जारी
जनगीतों से जगाया जा रहा अलख मांगों के समर्थन में पिछले 29 दिनों से जारी पदयात्रा अभियान 26 सितंबर तक अनवरत चलेगा। इस यात्रा में पुरुषों के साथ-साथ बड़ी संख्या में महिलाएं और पूर्व सैनिक शामिल हो रहे हैं। गांव-गांव जाकर लोकगीतों और जनगीतों के माध्यम से लोगों को 27 सितंबर की रैली में शामिल होने के लिए एकजुट किया जा रहा है।
मालिकान हक और पंचायती राज से जुड़ा है अस्तित्व का सवाल
इधर समिति के अध्यक्ष उमेश भट्ट का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल कागजों पर राजस्व गांव बनने तक सीमित नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र में पंचायती राज व्यवस्था लागू करने और ग्रामीणों को उनकी भूमि पर मालिकाना अधिकार दिलाने से जुड़ी है। यह उनके मूल अधिकारों और अस्तित्व का सवाल है, जिसके लिए अब वे केवल हवा-हवाई आश्वासनों पर पीछे हटने को तैयार नहीं हैं।
नंगे पैर और अन्न त्यागकर पदयात्रा कर रहे संघर्ष समिति अध्यक्ष
आंदोलन को धार देने के लिए बिंदुखत्ता संघर्ष समिति के अध्यक्ष अर्जुन नाथ गोस्वामी 15 अगस्त से लगातार नंगे पैर पदयात्रा कर रहे हैं।
उन्होंने अन्न का त्याग कर दिया है और केवल फलाहार पर रहकर पदयात्रा की अगुवाई कर रहे हैं। पदयात्रा के 29वें दिन भी बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने हिस्सा लिया। लोकगीतों और जनगीतों के माध्यम से गांव-गांव जाकर 27 सितंबर की महारैली में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया जा रहा है। यह पदयात्रा 26 सितंबर तक जारी रहेगी और 27 तारीख को विशाल रैली का रूप लेगी।



