लालकुआं में ‘कथित पत्रकार’ का काला खेल! वसूली के आरोपों से मचा हड़कंप, उद्योग जगत में उबाल

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।
लालकुआं। क्षेत्र में एक कथित पत्रकार की करतूतों ने हड़कंप मचा दिया है। अवैध वसूली, दबाव और भ्रामक खबरों के जरिए रंगदारी के गंभीर आरोप सामने आने के बाद उद्योग जगत में भारी रोष देखने को मिल रहा है। मामला अब पत्रकारिता की साख पर भी बड़ा सवाल खड़ा कर रहा है।
सूत्रों के अनुसार, उक्त कथित पत्रकार पर आरोप है कि वह उद्योगों और व्यवसायियों को निशाना बनाकर मनगढ़ंत खबरों का डर दिखाता है और बदले में मोटी रकम व महंगे मोबाइल फोन की मांग करता है। मांग पूरी न होने पर प्रतिष्ठानों के खिलाफ नकारात्मक खबरें प्रकाशित करने की धमकी दी जाती है।
बताया जा रहा है कि स्थानीय स्टोन क्रशर, जो राष्ट्रीय हरित प्राधिकरण (एनजीटी) पर्यावरण विभाग उत्तराखंड और भूतत्व एवं खनिकर्म निदेशालय उत्तराखंड की गाइडलाइनों का पालन कर रहे हैं, उन्हें भी निशाना बनाया जा रहा है। इससे ईमानदारी से काम कर रहे उद्योग स्वामियों में गहरा आक्रोश है।
चर्चाओं का बाजार गर्म है कि कुछ दिन पहले एक स्टोन क्रशर में रंगदारी को लेकर विवाद भी हुआ था, जिसे पुलिस की मौजूदगी में स्थानीय संभ्रांत लोगों की मध्यस्थता से शांत कराया गया। हालांकि, मामला दबा दिया गया, लेकिन अब फिर से यह मुद्दा तूल पकड़ता जा रहा है।
इतना ही नहीं, आरोप यह भी है कि उक्त पत्रकार ने जल संस्थान के सार्वजनिक नल पर अवैध कब्जा कर रखा है, जिसे लेकर भी स्थानीय लोगों में नाराजगी है। सोशल मीडिया पर भी इस पूरे प्रकरण को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं तेज हैं।
स्थानीय लोगों और उद्योग संचालकों का कहना है कि ऐसे कृत्य न केवल पत्रकारिता के मूल्यों के खिलाफ हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी दे रहे हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।
सवाल बड़ा है: क्या ‘कथित पत्रकार’ की आड़ में चल रहा यह खेल बेनकाब होगा?
या फिर यूं ही दबती रहेंगी सच्चाई की आवाजें?
अब देखना होगा कि प्रशासन इस गंभीर मामले में क्या रुख अपनाता है।



