कथित पत्रकारों की वसूली से उद्योग जगत में रोष, निष्पक्ष पत्रकारिता पर गहराता संकट

कथित पत्रकारों की वसूली से उद्योग जगत में रोष, पत्रकारिता की साख पर उठे सवाल!
लालकुआं। क्षेत्र में इन दिनों कुछ कथित पत्रकारों की कार्यशैली को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। आरोप है कि ये लोग भ्रामक और मनगढ़ंत खबरों को हथियार बनाकर उद्योगों और व्यवसायियों पर दबाव बनाने का काम कर रहे हैं। इससे न सिर्फ उद्योग जगत में भय और असंतोष का माहौल बन रहा है, बल्कि पत्रकारिता की विश्वसनीयता पर भी गहरा आघात पहुंच रहा है।
स्थानीय लोगों और उद्योग संचालकों का कहना है कि मानकों का पूर्ण पारदर्शिता से अनुपालन कर हजारों लोगों को प्रत्यक्ष और परोक्ष रूप से रोजगार देने वाले प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर कुछ कथित पत्रकार मोटी रकम और महंगे मोबाइल फोन की मांग कर रहे हैं। यदि उनकी मांग पूरी नहीं की जाती, तो संबंधित प्रतिष्ठानों के खिलाफ नकारात्मक और भ्रामक खबरें प्रकाशित करने की धमकी दी जाती है।
आमजनमानस में भी इस प्रवृत्ति को लेकर आक्रोश देखने को मिल रहा है। लोगों का मानना है कि ऐसे कृत्य न केवल पत्रकारिता के मूल सिद्धांतों के खिलाफ हैं, बल्कि समाज में गलत संदेश भी दे रहे हैं। निष्पक्ष और जिम्मेदार पत्रकारिता की छवि को धूमिल करने वाले ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई की मांग उठने लगी है।
- क्षेत्रवासियों का कहना है कि प्रशासन को इस मामले का संज्ञान लेकर जांच करानी चाहिए, ताकि सच्चाई सामने आ सके और दोषियों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जा सकें। वहीं, जागरूक नागरिकों ने भी अपील की है कि पत्रकारिता जैसे जिम्मेदार पेशे की गरिमा बनाए रखने के लिए ऐसे कथित लोगों की पहचान कर उन्हें बेनकाब किया जाए।



