उत्तराखंड

तेल चोरी खुलासे के बाद भी बेअसर कार्रवाई, माफिया बेखौफ

लालकुआं में तेल चोरी” खुलासे के बाद भी बेअसर कार्रवाई, माफिया बेखौफ।

रिपोर्टर गौरव गुप्ता।

डिपो से बबूरगुमटी,वीआईपी गेट, नगला और रामपुर रोड तक फिर सक्रिय हुआ नेटवर्क, छापेमारी के दावे हवा हवाई”राजनीतिक संरक्षण के आरोप तेज।

लालकुआं (नैनीताल)। लालकुआं में तेल चोरी के संगठित गिरोह का मामला सामने आने के बाद भी हालात में कोई खास सुधार नहीं दिख रहा है। प्रशासन की ओर से छापेमारी और सख्त कार्रवाई के दावे किए गए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर ‘काला खेल’ अब भी बदस्तूर जारी है।

बताया जा रहा है कि इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन डिपो से निकलने वाले टैंकर पहले की तरह तय स्थानों पर रोके जा रहे हैं और जरीकैन व डिब्बों में तेल निकाला जा रहा है। डिपो से लेकर वीआईपी गेट तक करीब दो किलोमीटर का इलाका इस अवैध कारोबार का केंद्र बना हुआ है।

स्थानीय लोगों एंव सूत्रों के अनुसार, सड़क किनारे बने सर्विस सेंटर,पंचर की दुकान, ढाबे अब भी इस नेटवर्क का हिस्सा बने हुए हैं। सुबह और देर रात संदिग्ध टैंकरों की आवाजाही जारी है, जिससे साफ संकेत मिलते हैं कि नेटवर्क पूरी तरह खत्म नहीं हुआ है।

तेल छिपाने के लिए डिपो के पास की सूखी नहर का इस्तेमाल अब भी किया जा रहा है। यहां जरीकैन में भरा गया तेल अस्थायी रूप से रखा जाता है और बाद में कारों के जरिए अन्य स्थानों तक पहुंचाया जाता है।

इस मामले में मिलीभगत के आरोप भी लगातार गहराते जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि टैंकर चालकों के साथ कुछ टैंकर स्वामी और कथित तौर पर अंदरूनी लोग भी इस खेल में शामिल हो सकते हैं। सफेदपोश संरक्षण की चर्चाएं भी तेज हैं।

गौरतलब है कि पूर्व में पुलिस ने इसी तरह के तेल चोरी रैकेट का भंडाफोड़ कर कई आरोपितों को जेल भेजा था, लेकिन कुछ समय बाद ही यह नेटवर्क दोबारा सक्रिय हो गया।

सवाल यह है कि खुलासे के बाद भी अगर कार्रवाई का असर नहीं दिख रहा, तो क्या यह मामला केवल कागजी दावों तक ही सीमित रह जाएगा या फिर जिम्मेदार एजेंसियां इस नेटवर्क पर निर्णायक प्रहार कर पाएंगी।

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