टांडा रेंज में वन तस्करों पर शिकंजा, रेंजर रूपनारायण गौतम की सख्त कार्रवाई से माफियाओं में हड़कंप

रिपोर्टर गौरव गुप्ता। लालकुआँ
लालकुआं तराई केंद्रीय वन प्रभाग के टांडा रेंज में अवैध लकड़ी तस्करी के खिलाफ वन विभाग ने सख्त अभियान छेड़ रखा है। वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम के नेतृत्व में वन विभाग की टीम लगातार कार्रवाई कर वन माफियाओं पर शिकंजा कस रही है। बीते छह महीनों में की गई कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप मच गया है और अवैध कटान व परिवहन पर काफी हद तक रोक भी लगी है।
इधर वन क्षेत्राधिकारी रूपनारायण गौतम ने बताया कि जंगलों को सुरक्षित रखने और अवैध कटान पर रोक लगाने के लिए विभाग की टीम नियमित रूप से गश्त, चेकिंग अभियान और मुखबिर तंत्र के माध्यम से निगरानी कर रही है। इसी क्रम में पिछले छह महीनों के दौरान वन विभाग की टीम ने अवैध लकड़ी परिवहन में शामिल लगभग 40 से 50 वाहनों को सीज किया है। इन वाहनों में ट्रक, पिकअप और अन्य मालवाहक वाहन शामिल हैं, जिनका इस्तेमाल जंगलों से चोरी की गई लकड़ी को बाहर ले जाने में किया जा रहा था।
उन्होंने बताया कि इस दौरान की गई कार्रवाई में एक दर्जन से अधिक वन तस्करों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। कई मामलों में तस्करों के खिलाफ जांच भी जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रूपनारायण गौतम ने बताया कि इस अभियान के दौरान सबसे बड़ी कार्रवाई हरियाणा राज्य में की गई, जहां वन विभाग की टीम ने एक कात्था फैक्ट्री में छापेमारी कर बड़ा खुलासा किया। छापेमारी के दौरान टीम ने एक 10 टायरा ट्रक को पकड़ा, जिसमें लगभग 600 नग खैर की लकड़ी के बराबर बरामद हुए। यह लकड़ी अवैध रूप से काटकर फैक्ट्री तक पहुंचाई जा रही थी।
उन्होंने बताया कि इस मामले में फैक्ट्री मालिक सहित अन्य वन तस्करों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है, जबकि कुछ आरोपी अभी फरार हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। वन विभाग की टीम अन्य राज्यों के अधिकारियों के साथ समन्वय बनाकर भी कार्रवाई कर रही है, ताकि अवैध लकड़ी के नेटवर्क को पूरी तरह तोड़ा जा सके।
वन क्षेत्राधिकारी ने कहा कि जंगलों की सुरक्षा और वन संपदा को बचाना विभाग की प्राथमिकता है। अवैध कटान और तस्करी करने वालों के खिलाफ भविष्य में भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
वन विभाग ने आम जनता से भी सहयोग की अपील करते हुए कहा है कि यदि कहीं भी अवैध लकड़ी कटाई, भंडारण या परिवहन की जानकारी मिले तो तुरंत वन विभाग को सूचित करें। जनता के सहयोग से ही जंगलों की सुरक्षा को और मजबूत किया जा सकता है।



