उत्तराखंड

ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग सीजन 2026-27 का शुभारंभ, फर्मों को मिले लाइसेंस

ऋषिकेश, उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा दिनांक 23 सितम्बर 2026 को शिवपुरी, ऋषिकेश में रिवर राफ्टिंग सीजन 2026-27 के शुभारंभ समारोह का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रमुख सचिव नियोजन, उत्तराखण्ड शासन मीनाक्षी सुंदरम जी तथा सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ज्याल जी की गरिमामय उपस्थिति में हुई। समारोह में प्रदेश की समस्त पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को औपचारिक रूप से राफ्टिंग लाइसेंस वितरित किए गए।

यह भी देखें 👇 

https://www.instagram.com/reel/DdiqgcbTB_Y/?stkn=NTFqZ3g2MmtkcjE2

यह आयोजन केवल एक औपचारिक शुभारंभ मात्र नहीं, बल्कि प्रदेश के साहसिक पर्यटन उद्योग को व्यवस्थित एवं मानकीकृत (Standardize) करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। लाइसेंस वितरण से गंगा, काली, टॉस, गोरी, कोसी, अलकनन्दा, पिंडर, सरयू, रामगंगा (पूर्वी एवं पश्चिमी), भागीरथी एवं धौलीगंगा जैसी नदियों में सुव्यवस्थित एवं सुरक्षित राफ्टिंग गतिविधियों का संचालन सुनिश्चित होगा। यह पहल प्रदेश के पर्वतीय क्षेत्रों में स्थानीय युवाओं को साहसिक पर्यटन (Adventure Tourism) से जोड़कर उद्यमशीलता (Entrepreneurship) एवं रोजगार सृजन को बढ़ावा देने की दिशा में एक ठोस कदम है।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव नियोजन मीनाक्षी सुंदरम ने कहा “राफ्टिंग सीजन का यह शुभारंभ प्रदेश के साहसिक पर्यटन क्षेत्र में अनुशासन एवं व्यावसायिकता लाने का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। लाइसेंस प्रणाली को सुद्ध करने से न केवल पर्यटकों की सुरक्षा सुनिश्चित होगी, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी सृजित होंगे।”

सचिव पर्यटन धीराज सिंह गर्ज्याल जी ने कहा ‘आज वितरित किए गए राफ्टिंग लाइसेंस प्रदेश की राफ्टिंग फर्मों के लिए एक नई शुरुआत हैं। यह पहल सुरक्षा मानकों को सुदृढ़ करने के साथ-साथ प्रदेश के युवाओं के लिए आजीविका के स्थायी अवसर उपलब्ध कराएगी और साहसिक पर्यटन को एक अनुशासित एवं भरोसेमंद उद्योग के रूप में स्थापित करेगी।

इससे पूर्व भी विभाग द्वारा राफ्टिंग गाइड्स की सुरक्षा क्षमता बढ़ाने हेतु Hanifl Centre एवं Aerie Backcountry Medicine (ABM), USA के सहयोग से अंतरराष्ट्रीय स्तर का वाइल्डरनेस फर्स्ट-एड (WFA) एवं CPR प्रशिक्षण कार्यक्रम आरम्भ किया गया था, जिसके अंतर्गत चरणबद्ध रूप से कुल 700 गाइड्स को प्रशिक्षित किया जाना है। लाइसेंस वितरण की यह पहल उसी दिशा में एक अगला कदम है।”

गौरतलब है कि यह कोई पृथक अथवा एकल कदम नहीं है, बल्कि विभाग द्वारा साहसिक पर्यटन क्षेत्र को क्रमिक रूप से सुरक्षित, संरचित एवं मानकीकृत बनाने हेतु उठाए जा रहे कदमों की एक शृंखला का हिस्सा है। राफ्टिंग गाइड्स को अंतरराष्ट्रीय मानकों के आपातकालीन चिकित्सीय प्रशिक्षण से जोड़ने से लेकर फर्मों के अनुज्ञा-नवीनीकरण को व्यवस्थित प्रक्रिया के अंतर्गत लाने तक, विभाग निरंतर इस दिशा में कार्य कर रहा है कि उत्तराखण्ड साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में सुरक्षा एवं व्यावसायिकता का एक मॉडल राज्य बने।

इसी क्रम में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद द्वारा टूरिस्ट गाइड पोर्टल (Tourist Guide Portal) भी विकसित किया गया है, जिस पर प्रशिक्षित गाइड्स अपना डिजिटल प्रमाणीकरण एवं डिजिटल पहचान-पत्र प्राप्त कर सकते हैं तथा उनके प्रशिक्षण एवं कार्य का विवरण एक स्थान पर सुरक्षित रहता है। अब तक 300 से अधिक रिवर राफ्टिंग गाइड्स इस पोर्टल पर पंजीकृत हो चुके हैं तथा प्रतिदिन नए गाइड्स इससे जुड़ रहे हैं। शीघ्र ही इस पोर्टल के माध्यम से पर्यटकों को गाइड्स से सीधे संपर्क एवं बुकिंग की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी।

कार्यक्रम में जनपद टिहरी गढ़‌वाल के जिलाधिकारी, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, प्रभागीय वनाधिकारी नरेन्द्र नगर टिहरी सहित गंगा नदी राफ्टिंग प्रबंधन समिति (GNR) एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारीगण भी उपस्थित रहे।

उल्लेखनीय है कि उत्तराखण्ड रिवर राफ्टिंग/क्याकिंग नियमावली-2014 (यथा संशोधित) के प्रावधानों के अंतर्गत सभी पंजीकृत राफ्टिंग फर्मों को दिनांक 23.09.2026 से अग्रिम 45 दिनों की अस्थायी अनुज्ञा प्रदान की गई है, जिसके अंतर्गत निर्धारित प्रक्रिया एवं शुल्क जमा कर फर्मे स्थायी अनुज्ञा प्राप्त कर सकेंगी।

यह आयोजन ‘विकसित उत्तराखण्ड’ के संकल्प को साकार करने तथा पर्यटन क्षेत्र को रोजगार एवं स्वरोजगार सृजन के सशक्त माध्यम के रूप में स्थापित करने की दिशा में उत्तराखण्ड पर्यटन विकास परिषद की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button
error: Content is protected !!