उत्तराखंड देवभूमि पार्टी के संस्थापक वीरेंद्र पुरी महाराज का निधन, पुलिस जांच में जुटी

लालकुआं संदिग्ध परिस्थितियों में वीरेंद्र_पुरी_महाराज_की_मौत, करंट लगने की आशंका लालकुआं में सनसनी, पुलिस ने शुरू की जांच।
लालकुआं। उत्तराखंड देवभूमि पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष एवं ब्रह्मदेव मंदिर के संचालन से जुड़े वीरेंद्र पुरी महाराज की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। देर रात पुलिस को सूचना मिली कि वीआईपी गेट स्थित उनकी कुटिया का दरवाजा अंदर से बंद है और काफी आवाज देने के बावजूद दरवाजा नहीं खुल रहा है।
सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस ने दरवाजा तुड़वाकर अंदर प्रवेश किया। कुटिया के भीतर वीरेंद्र पुरी महाराज अचेत अवस्था में पड़े मिले। मौके पर उनके पास हीटर और तवा भी पड़ा हुआ था।
प्रथम दृष्टया आशंका जताई जा रही है कि संभवतः वह हीटर पर रोटी बना रहे थे और इसी दौरान करंट की चपेट में आ गए। हालांकि, उनकी मौत की वास्तविक वजह क्या रही, यह पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
पुलिस ने घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम को बुलाकर बारीकी से जांच कराई। इसके बाद शव को आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया के लिए एंबुलेंस से डॉ. सुशीला तिवारी राजकीय चिकित्सालय, हल्द्वानी भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
कोतवाली प्रभारी निरीक्षक ब्रजमोहन सिंह राणा ने बताया कि देर रात सूचना मिली थी कि वीरेंद्र पुरी महाराज का दरवाजा अंदर से बंद है और आवाज देने के बावजूद वह दरवाजा नहीं खोल रहे हैं। पुलिस टीम ने दरवाजा खुलवाने का प्रयास किया, लेकिन सफलता नहीं मिलने पर दरवाजा तुड़वाया गया। अंदर वह अचेत अवस्था में मिले। प्रथम दृष्टया करंट लगने की आशंका है। मामले की जांच की जा रही है।
राजनीति में भी रही सक्रिय भूमिका
वीरेंद्र पुरी महाराज धार्मिक गतिविधियों के साथ-साथ उत्तराखंड की राजनीति में भी सक्रिय रहे। वह उत्तराखंड देवभूमि पार्टी के संस्थापक अध्यक्ष थे। वर्ष 2002 के विधानसभा चुनाव में उन्होंने लालकुआं विधानसभा सीट से चुनाव लड़ा था और तीसरे स्थान पर रहे थे। इसके बाद भी वह लगातार विधानसभा चुनावों में अपनी राजनीतिक मौजूदगी दर्ज कराते रहे।
बताया जा रहा है कि इस बार भी उन्होंने उत्तराखंड की सभी 70 विधानसभा सीटों पर प्रत्याशी उतारने का ऐलान किया था और पार्टी के लिए प्रत्याशियों की तलाश में जुटे हुए थे।
उनके अचानक निधन की खबर से पार्टी कार्यकर्ताओं, समर्थकों और क्षेत्र के लोगों में शोक की लहर है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के कारणों को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।



