उत्तराखंड

गौला नदी के कटाव से दहशत, ग्रामीणों ने मांगी स्थाई सुरक्षा दीवार

गौला नदी के कटाव से दहशत, ग्रामीणों ने मांगी स्थाई सुरक्षा दीवार

वन अधिकार संगठन ने मुख्यमंत्री के नाम प्रशासन को सौंपा ज्ञापन, विधायक के खिलाफ दिखा आक्रोश

लालकुआं से संवाददाता गौरव गुप्ता की रिपोर्ट।

लगातार एक सप्ताह से हो रही बारिश के चलते गौला नदी में तेज भू-कटाव से इंदिरा नगर प्रथम-द्वितीय, गब्दा, रावत नगर व खुरियाखत्ता क्षेत्र के ग्रामीण दहशत में हैं। सैकड़ों एकड़ भूमि नदी में समा चुकी है, जबकि दर्जनों घर भी कटाव की जद में आ गए हैं।

कई दिनों से नदी तट पर धरने पर बैठे ग्रामीणों के बीच वन अधिकार संगठन पहुंचा और मौके पर प्रशासन को बुलाकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। संगठन ने गौला नदी के तट पर तत्काल स्थायी सुरक्षा दीवार बनाने तथा प्रभावित परिवारों को राहत देने की मांग की।

संगठन अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम, 2006 के तहत अधिकार स्वीकृत होने के बावजूद ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिल रहा है। हाथी कारिडोर से प्रभावित क्षेत्रों में चुगान ना होने के कारण उन स्थानों पर बीच में नदी का स्तर ऊँचा हो गया है जिस कारण पानी नदी के तटों की ओर बढ़ रहा है जिससे भू कटाव हो रहा है।उन्होंने जनप्रतिनिधियों से ग्रामीणों के हित में प्रभावी पैरवी कर बजट उपलब्ध कराने की मांग की।

मौके पर ग्रामीणों में स्थानीय विधायक के प्रति भारी आक्रोश देखने को मिला और विधायक आवास के घेराव की चेतावनी दी गई। उप जिलाधिकारी रेखा कोहली के मौके पर पहुंचकर ज्ञापन को जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री तक भेजने तथा तट से सटे परिवारों को तत्काल रहने और भोजन आदि की सहायता उपलब्ध कराने के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।

धरना-प्रदर्शन में वनाधिकार संगठन के अध्यक्ष उमेश चंद्र भट्ट,पूर्व कैबिनेट मंत्री हरीश चंद्र दुर्गापाल, अर्जुन नाथ गोस्वामी, बलवंत सिंह बिष्ट, रमेश गोस्वामी, ममता बिष्ट, कैप्टेन इंद्र सिंह पनेरी, प्रकाश उत्तराखण्डी सहित सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। प्रशासन की ओर से एसडीएम रेखा कोहली, तहसीलदार, कोतवाल एवं पुलिस-प्रशासन की टीम मौजूद रही।

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