महिलाओं में बढ़ती बांझपन की समस्या पर डॉ. छवि कुमारी की चिंता, बोलीं – “समय पर इलाज से संभव है मातृत्व”

महिलाओं में ज्ञबांझपन की बढ़ती समस्या पर वरिष्ठ महिला विशेषज्ञ डाॅ छवि कुमारी ने जताई चिंता, बोले “समय रहते ईलाज संभव, वरदान अस्पताल बना बांझपन से पीड़ित महिलाओं के वरदान।
रिपोर्टर, गौरव गुप्ता
हल्द्वानी माँ बनना हर महिला के जीवन का एक अनमोल अनुभव होता है। यह सिर्फ परिवार को आगे बढ़ाने का ही नहीं, बल्कि भावनात्मक संतुष्टि का भी एक खास चरण है। लेकिन कभी-कभी कई महिलाओं के लिए यह सफर आसान नहीं होता। बार-बार कोशिश करने के बावजूद जब गर्भधारण संभव नहीं हो पाता, तो यह चिंता और तनाव का कारण बन जाता है। इसे ही महिला बांझपन कहा जाता है।
अगर कोई जोड़ा लगभग 1 साल तक नियमित संबंध बनाने के बाद भी गर्भधारण नहीं कर पाती, तो इसे बांझपन माना जाता है। वहीं 35 साल से अधिक उम्र की महिलाओं में छह महीने तक कोशिश करने के बाद भी गर्भधारण न होने पर डॉक्टर जांच की सलाह देते हैं। आज के समय में female fertility treatment के कई आधुनिक और प्रभावी विकल्प मौजूद हैं, जिनकी मदद से मातृत्व का सपना पूरा किया जा सकता है।
इस खबर में हम विस्तार से जानेंगे कि महिलाओं में बांझपन का इलाज कैसे संभव है ताकि हर महिला को सही जानकारी मिल सके और वह समय रहते इलाज करवाकर माँ बनने का सपना पूरा कर सके। वही पहाड़ों की महिलाओं में बांझपन की समस्या तेजी से बढ़ती जा रही है। जो चिंता का विषय है। ऐसे में इन महिलाओं के वरदान अस्पताल सच्च में वरदान साबित हो रहा है। यह महिलाओं से जुड़ी सभी बिमारियों का ईलाज किया जा रहा है।
जिसमें बांझपन भी शामिल हैं अब तक वरदान अस्पताल मे 100 से अधिक महिलाओं का सफलतापूर्वक ईलाज किया गया जिसमें सभी महिलाओं के घर खुशी से खिल उठे है। वरदान अस्पताल में आधुनिक मशीनों की सभी सुविधा उपलब्ध है।
इधर वरदान अस्पताल एवं हल्द्वानी की वरिष्ठ महिला विशेषज्ञ डॉ. छवि कुमारी के अनुसार, “महिलाओं में बांझपन का इलाज पूरी तरह से इस बात पर निर्भर करता है कि समस्या किस कारण (female fertility causes) से हो रही है। हर महिला के लिए उपचार अलग हो सकता है क्योंकि किसी को हार्मोन की समस्या होती है, किसी को अंडाणु बनने में दिक्कत, तो किसी को फैलोपियन ट्यूब या गर्भाशय की समस्या। आधुनिक चिकित्सा विज्ञान में कई तरह के विकल्प उपलब्ध हैं जिनसे मातृत्व का सपना पूरा किया जा सकता है।”
बांझपन के इलाज में जीवनशैली का महत्व*
डाक्टर छवि के अनुसार ईलाज के साथ-साथ जीवनशैली पर ध्यान देना भी जरूरी है। जैसे संतुलित आहार लें और जंक फूड से बचें।नियमित योग और व्यायाम करें।तनाव को कम करने की कोशिश करें। तथा धूम्रपान और शराब से दूर रहें।
उन्होंने कहा कि बांझपन (infertility) भले ही मुश्किल और भावनात्मक रूप से चुनौतीपूर्ण स्थिति हो, लेकिन आधुनिक चिकित्सा और सही मार्गदर्शन से यह सपना अधूरा नहीं रहना चाहिए। उन्होंने कहा कि आज दवाइयों से लेकर IUI, IVF और ICSI जैसी एडवांस तकनीक मौजूद हैं, जो महिलाओं को मातृत्व का सुख दिला सकते हैं।
सबसे ज़रूरी है कि समस्या को समझकर समय पर डॉक्टर से परामर्श लिया जाए और उचित इलाज शुरू किया जाए। उन्होंने कहा कि आज वरदान अस्पताल में सभी सुविधा उपलब्ध है।
उन्होंने कहा कि यदि कोई महिला लंबे समय से मातृत्व का सपना पूरा करने की कोशिश कर रही हैं और सफलता नहीं मिल रही है, तो देर न करे तुरंत हम से मिले यह फर्टिलिटी स्पेशलिस्ट से परामर्श लें। याद रखें, सही कदम सही समय पर उठाने से माँ बनने का सपना जरूर पूरा हो सकता है।
उन्होंने महिलाओं में बढ़ती डायबिटीज को भी उनके खानपान से जोड़ा है तथा उन्होंने बच्चों के लिए भी सलाह दी है।



