काशी में कुबेर कूप के औषधीय व आध्यात्मिक जल का महत्व उजागर: राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट की टीम ने किए दर्शन

बरेली से रिपोर्टर, सतेन्द्र प्रताप सिंह
काशी में कुबेर कूप के औषधीय व आध्यात्मिक जल का महत्व उजागर: राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट की टीम ने किए दर्शन
बरेली: राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट (रजि.) भारत की राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया अपनी टीम के साथ धर्मनगरी काशी पहुँचीं। इस दौरान उन्होंने पौराणिक एवं ऐतिहासिक ‘कुबेर कूप’ (कुबेर कुआं) पहुंचकर पूजन-अर्चन किया और श्रद्धालुओं को इसके सर्व रोग निवारण जल के धार्मिक व आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया।
पौराणिक मान्यता और रोग निवारण प्रभाव
राष्ट्रीय अध्यक्ष बिंदु इशिका सिंघानिया ने बताया कि काशी स्थित कुबेर कूप का जल सनातन परंपरा में अत्यंत चमत्कारी और औषधीय गुणों से युक्त माना गया है। मान्यताओं के अनुसार, विधि-विधान से इस कूप के पवित्र जल का आचमन और स्पर्श करने से शारीरिक व्याधियों तथा असाध्य रोगों से मुक्ति मिलती है। उन्होंने कहा कि हमारी प्राचीन धरोहरें न केवल गहरी आस्था का केंद्र हैं, बल्कि उनके पीछे गहन वैज्ञानिक और प्राकृतिक रहस्य भी छिपे हुए हैं।
संस्थान के सेवा संकल्प पर बल
टीम के सदस्यों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि संस्थान का मुख्य ध्येय मानव सेवा, स्वास्थ्य संवर्धन और सनातन संस्कृति की प्राचीन धरोहरों के प्रति जन-जागरूकता फैलाना है। उन्होंने युवाओं और आमजन से अपनी प्राचीन सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और सेवा कार्यों से जुड़ने का आह्वान किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय मानव सेवा संस्थान ट्रस्ट की टीम के प्रमुख पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। सभी ने कूप पर दर्शन-पूजन कर लोक-कल्याण एवं समाज के आरोग्य की कामना की।



